छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों ने कंपनी के निदेशक की तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर करीब 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया है। इस जालसाजी में राजस्थान (Rajasthan) के विभिन्न शहरों से जुड़े गिरोह के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।
फर्जी प्रोफाइल बनाकर कंपनी से की धोखाधड़ी
भिलाई के सुंदर नगर निवासी यश बत्रा ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते से अज्ञात अपराधियों ने कंपनी के निदेशक श्रीचंद बत्रा की तस्वीर का उपयोग कर एक फर्जी व्हाट्सएप खाता बनाया। इस प्रोफाइल का इस्तेमाल कर आरोपियों ने विश्वास जीतकर एचडीएफसी बैंक के खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपियों ने कंपनी के तीन निदेशकों के बीच एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लेनदेन किया। इस ग्रुप में आवश्यकतानुसार रकम भेजने के संदेश डाले जाते थे, और स्वीकृति मिलने पर खाते से पैसे ट्रांसफर किए जाते थे। आरोपियों ने इसी प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए नकली डीपी और मैसेज का सहारा लेकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
साइबर ठगी में जंगी ऐप और टोकन सिस्टम का इस्तेमाल
दुर्ग (Durg) के एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुपेला थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम का गठन किया। जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी बैंक खाते खोलकर और खाता धारकों को कमीशन का लालच देकर साइबर अपराध को अंजाम देते थे। इसके बाद रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी की जाती थी।
आरोपियों ने व्हाट्सएप और जंगी ऐप (Jangi App) के माध्यम से संपर्क कर टोकन सिस्टम (Token System) का इस्तेमाल कर रुपए का लेनदेन किया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रायपुर के राठौर चौक स्थित तनिष्क होटल में ठहरे हुए हैं। जैसे ही पुलिस को खबर लगी, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलने लगे और रायपुर में किराए के मकान तलाश रहे थे।
तकनीकी जांच, संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी पंकज शर्मा समेत अन्य आरोपियों को रायपुर के जय स्तंभ चौक से गिरफ्तार किया। बाकी आरोपियों को बूढ़ा तालाब क्षेत्र के पास किराए के मकानों से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1.20 लाख रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, दस डेबिट कार्ड, पेन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, डिपॉजिट स्लिप और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपियों ने यश बत्रा के पिता की फर्जी डीपी का इस्तेमाल कर उनके खाते से संपर्क किया। पहले 20 लाख रुपये ट्रांसफर करने के बाद आरोपियों ने 48 लाख रुपये और की मांग की, जिससे धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने हेल्पलाइन 1930 की मदद से करीब साढ़े चार लाख रुपये होल्ड कराए हैं।












