रायगढ़ में मामूली विवाद ने ली खौफनाक दिशा
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शराब पार्टी के दौरान हुई मामूली बहस ने जघन्य रूप ले लिया। चखना (मिठाई या नमकीन) के लिए आम तोड़ने को लेकर शुरू हुई तकरार में तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही किशोर साथी की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस जघन्य घटना के बाद आरोपियों ने शव को बरगद के पेड़ के नीचे छुपाकर इसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस ने इस मामले में दो वयस्क आरोपियों के साथ ही एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। यह घटना खरसिया थाना क्षेत्र की है।
मृतक का शव बरामद, जांच में खुलासे
रायगढ़ पुलिस के अनुसार, खरसिया थाना क्षेत्र के गुरदा गांव के डोगरमुड़ा खार में 25 मई की सुबह एक किशोर का शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि 24 मई की सुबह गांव का निवासी ऋषि डनसेना अपने छोटे भाई को काम पर ले गया था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए।
अगली सुबह, गुरदा के डोगरमुड़ा खार के पास स्थित बरगद के पेड़ के नीचे किशोर का शव मिला। शरीर पर गंभीर चोट और खरोंच के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शराब पीते समय हुआ विवाद, हत्या का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में ऋषि डनसेना ने बताया कि वह अपने साथियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह और एक नाबालिग के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान, चखना लाने को लेकर मृतक और चंद्रशेखर के बीच तकरार शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपियों ने मिलकर किशोर की बेरहमी से पिटाई की। मारपीट के दौरान किशोर खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद उन्होंने शव को छुपाने के लिए बरगद के पेड़ के नीचे लिटा दिया, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे। पुलिस ने आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर पूरी घटना का पुनर्निर्माण कराया। साथ ही, आरोपियों के कपड़े भी जब्त किए गए हैं। जांच में हत्या और साक्ष्य छिपाने का प्रयास साबित होने पर पुलिस ने उनके खिलाफ धाराएं 238 और 3(5) बीएनएस भी जोड़ीं।
अंत में, आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इनमें चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ राठिया और एक नाबालिग शामिल हैं।












