सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर चल रहा साइबर ठगी का खेल
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर व्यक्तिगत जीवन की झलकियां साझा करना आम बात हो गई है। लेकिन इन तस्वीरों और पोस्ट का गलत इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। साइबर अपराधी इन सोशल मीडिया प्रोफाइल से मिली जानकारी का उपयोग कर जालसाजी की नई रणनीति अपना रहे हैं। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति अपनी सगाई या शादी की तस्वीरें पोस्ट करता है, तो अपराधी इन तस्वीरों का सहारा लेकर धोखाधड़ी का जाल बुनते हैं।
सामाजिक मीडिया से मिली जानकारी से बनता है ठगी का जाल
साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर घंटों बिताकर लोगों की प्रोफाइल का अध्ययन करते हैं। वे यह पता लगाते हैं कि किसकी सगाई हुई है, कौन किससे जुड़ा है, और परिवार में कौन-कौन शामिल हैं। इन तस्वीरों, टैग, कमेंट और शुभकामनाओं से वे एक विस्तृत परिवार वृक्ष तैयार कर लेते हैं। इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल कर वे फोन कॉल के दौरान अपने आप को करीबी रिश्तेदार या शुभचिंतक बताकर भरोसा जीतते हैं। फिर धीरे-धीरे वे अपने शिकार से छोटी-छोटी मदद या रकम की मांग करते हैं, जो आसानी से उनके जाल में फंस जाती है।
कैसे चलती है साइबर ठगी की यह नई रणनीति
आरोपी पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों और जानकारी का अध्ययन करते हैं। फिर वे मोबाइल नंबर हासिल कर, लड़की की आवाज में कॉल करते हैं। कॉल के दौरान वे अपने आप को रिश्तेदार या सगाई के परिवार का सदस्य बताते हैं। इस तरह का भरोसा बनाने के बाद वे छोटी-छोटी रकम की मांग करते हैं, जैसे कि किसी इमरजेंसी या जरूरी भुगतान के बहाने। जब पीड़ित मदद करता है, तो आरोपी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर गायब हो जाते हैं। बाद में पता चलता है कि उस साली या रिश्तेदार ने कभी फोन ही नहीं किया था।












