सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन के तीन शावकों का जन्म
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहाँ की बाघिन ST-22 ने एक नहीं बल्कि तीन शावकों को जन्म दिया है। हाल ही में कैमरा ट्रैप में इन तीनों शावकों को अपनी मां के साथ देखा गया है, जिसके बाद वन विभाग और सरिस्का प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
मॉनिटरिंग और पुष्टि के बाद मिली जानकारी
कुछ दिन पहले ही सरिस्का प्रशासन ने बाघिन ST-22 के साथ केवल दो शावकों की मौजूदगी की जानकारी दी थी। लेकिन लगातार निगरानी और कैमरा ट्रैप फुटेज की जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बाघिन के साथ तीन शावक मौजूद हैं। ये तीनों शावक स्वस्थ और सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, और बाघिन भी अपने बच्चों का ध्यान पूरी सतर्कता से रख रही है।
बाघों की संख्या में हो रही वृद्धि और संरक्षण प्रयास
वन विभाग ने इन शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है। साथ ही पर्यटकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि शावकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। राजस्थान सरकार के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने भी इन तीनों शावकों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सरिस्का में बाघों की संख्या में निरंतर हो रही वृद्धि वन संरक्षण और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम है।
सरिस्का में अब बाघों की कुल संख्या बढ़कर 55 हो गई है। वर्ष 2004 में जब यहाँ से बाघ पूरी तरह खत्म हो गए थे, तब यह स्थिति बहुत चिंताजनक थी। लेकिन वर्षों की मेहनत, प्रभावी प्रबंधन और बाघ पुनर्वास परियोजना के कारण आज यह क्षेत्र फिर से बाघों की दहाड़ से गूंज रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इन शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि सरिस्का का जंगल अब बाघों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस खबर पर खुशी जताई है। बढ़ती बाघों की संख्या के कारण यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है, और अब यहाँ बाघों की साइटिंग भी रोजाना देखने को मिल रही है।












