अजमेर में जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में हुई चार लोगों की खौफनाक हत्या का पर्दाफाश पुलिस ने कर दिया है। इस जघन्य अपराध में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां पुसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञान और महिमा की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की गई थी। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि रामसिंह की पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटा ही थे।
पुलिस की जांच में सामने आया हत्याकांड का सच
अजमेर पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों ने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। हालांकि, घर में मिले खून के धब्बों और फोरेंसिक जांच ने पूरे मामले का भेद खोल दिया। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी 43 वर्षीय सुनीता और उसकी 18 वर्षीय बेटी सरिता उर्फ एकता को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।
हत्या का कारण और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड का मुख्य कारण पारिवारिक विवाद और दूसरी शादी थी। आरोपियों ने घर में लगातार हो रहे झगड़ों से तंग आकर 27 मई 2026 की शाम को ही योजना बनाकर हत्या की। उस रात सुनीता, उसकी बेटी और नाबालिग बेटे ने मिलकर सो रहे चारों सदस्यों पर धारदार हथियार से हमला किया। इस जघन्य अपराध के बाद शवों को घर से बाहर ले जाकर ट्रैक्टर से डीजल डालकर आग लगा दी गई, ताकि यह घटना दुर्घटना जैसी लगे।












