मध्यप्रदेश में ट्विशा शर्मा मौत केस में गिरफ्तारी और जांच का नया मोड़
मध्यप्रदेश के भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ी जाँच में गुरुवार को पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) ले जाया था। अब शुक्रवार को गिरिबाला को ट्विशा के पति समर्थ के साथ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आमने-सामने पूछताछ और जांच की दिशा
सीबीआई दोनों को कोर्ट में 3 से 7 दिनों की रिमांड पर रखने का अनुरोध कर सकती है ताकि वे दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सके। इस प्रक्रिया का उद्देश्य 12 मई की रात ट्विशा की मौत के पीछे के कारणों का पता लगाना है। पहले दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही थी, लेकिन अब जांच एजेंसी दोनों की बातचीत कराकर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
साक्ष्यों की छेड़छाड़ और गिरफ्तारी का कारण
सीबीआई का मानना है कि क्राइम सीन पर सबूतों में छेड़छाड़ की गई है, इसलिए गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को ही उनके घर पर अचानक पहुंची सीबीआई टीम ने उनसे पूछताछ की और फिर गिरफ्तारी कर ली। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत भी रद्द कर दी थी।
इस हाई-प्रोफाइल केस में घटना से पहले और बाद की CCTV फुटेज, ट्विशा के पति समर्थ का फरार होना और फिर सरेंडर करना, साथ ही गिरिबाला के विवादास्पद बयान मामले को सुर्खियों में बनाए हुए हैं। अब जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
विशेष रूप से, 12 मई की रात का घटनाक्रम जांच के लिए अहम है। CCTV फुटेज में दिखाया गया है कि उस रात ट्विशा अपने ससुराल में सीढ़ियों से छत की ओर जाती हुई नजर आई, और करीब एक घंटे बाद उसके पति समर्थ और अन्य लोग उसे नीचे लाते हुए दिखाई दिए। यह वीडियो जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सबूत बन चुका है, और अब वे उस एक घंटे के दौरान क्या हुआ, यह पता लगाने में जुटी हैं।












