मुख्य बातें
- ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी समर्थ सिंह को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
- समर्थ सिंह जेल में देवदत्त पटनायक का उपन्यास ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ रहा है।
- समर्थ की किताबों में रुचि उसके मानसिक स्थिति का संकेत हो सकती है, विशेषज्ञों का मानना है।
- समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल में कैदी नंबर बनकर रह गए हैं।
मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब भोपाल सेंट्रल जेल में पहुंच चुका है, जहां आरोपी समर्थ सिंह को 14 दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है। इस हाईप्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में, समर्थ सिंह की मानसिकता और उसकी किताबों के प्रति रुचि ने एक नया मोड़ लिया है।
समर्थ सिंह की किताबों में रुचि
सूत्रों के अनुसार, समर्थ सिंह ने जेल में देवदत्त पटनायक के उपन्यास ‘द प्रेग्नेंट किंग’ को पढ़ना शुरू कर दिया है। यह उपन्यास भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित है और इसकी कहानी महाभारत काल के राजा युवनाश्व के इर्द-गिर्द घूमती है, जो संतान न होने के कारण परेशान थे।
उपन्यास की कहानी
‘द प्रेग्नेंट किंग’ में राजा युवनाश्व की कहानी है, जो एक चमत्कारिक औषधि के सेवन से गर्भवती हो जाता है। यह उपन्यास मातृत्व, पितृत्व और जेंडर के मुद्दों पर गहराई से विचार करता है।
सीबीआई कस्टडी में पढ़ी गई किताबें
समर्थ सिंह को पहले भी सीबीआई की कस्टडी में किताबें पढ़ते देखा गया था। उस समय उसके हाथ में जापानी क्राइम थ्रिलर ‘बटर’ था, जो एक महिला सीरियल किलर की कहानी है। यह उपन्यास कातिल और पुलिस के बीच के माइंड गेम को दर्शाता है।
विशेषज्ञों की राय
कुछ मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि समर्थ की किताबों में रुचि उसके मानसिक संघर्ष का संकेत हो सकती है। ‘बटर’ और ‘द प्रेग्नेंट किंग’ जैसी कहानियाँ उसके मन में चल रही उथल-पुथल को दर्शाती हैं। क्या वह खुद को किसी अनचाहे संकट में महसूस कर रहा है? यह सवाल अब भी अनुत्तरित है।
इस प्रकार, मां-बेटे गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल में केवल कैदी नंबर बनकर रह गए हैं, जहां वे अपनी मानसिक उलझनों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।












