मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों, सरकारी दस्तावेजों और बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में एक बेटे ने अपने ही पिता को सरकारी कागजात में मृत घोषित कर दिया और फिर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अपनी मां और खुद के नाम पर संपत्ति ट्रांसफर कर ली। इसके साथ ही उसने बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त कर लिया। जब किश्तें चुकाना मुश्किल हो गया, तो आरोपी बेटे ने खुद को भी मृत दिखाने की साजिश रच डाली। इस पूरे प्रकरण ने परिवार की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया है।
फर्जीवाड़े का खुलासा और जांच का दौर
पीड़ित पिता दिनेश गुप्ता, जो खिलचीपुर में प्रतिष्ठित लोगों के खातों का प्रबंधन करते हैं, ने अपनी दर्दभरी कहानी सुनाते हुए बताया कि 34 साल पहले उन्होंने अपनी पत्नी बबीता से शादी की थी। उनके दो बेटे यश और पवन हुए, जिन्हें उन्होंने अच्छी शिक्षा दी। लेकिन समय के साथ ये बच्चे गलत रास्ते पर चल पड़े। घर में रोज झगड़े होने लगे और पत्नी भी बेटों का ही पक्ष लेने लगी। 2020 में परेशान होकर उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और किराए के कमरे में रहने लगे। उन्हें कभी भी यह अंदाजा नहीं था कि उनके ही परिवार वाले उन्हें जिंदा रहते हुए ही कागजों में मार डालेंगे।
संपत्ति और बैंक लोन का फर्जीवाड़ा
14 अप्रैल 2026 को दिनेश को एक परिचित का फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनके बेटे यश ने बैंक से लाखों का लोन लिया है। पिता को शक हुआ कि कहीं उनका मकान गिरवी तो नहीं रखा गया। 18 मई 2026 को वे आगर स्थित AU Small Finance Bank पहुंचे और जब उन्होंने लोन फाइल देखी, तो उनके होश उड़ गए। बैंक रिकॉर्ड में उनके नाम के आगे ‘स्वर्गीय’ लिखा हुआ था। खुद पिता को जिंदा देखकर बैंक कर्मचारी भी हैरान रह गए। बाद में उन्होंने अपने जिंदा होने के दस्तावेज दिखाए और फाइल की कॉपी ली।
जांच में पता चला कि आरोपी यश ने अपने नाम पर किसी और की संपत्ति को दिखाकर फर्जीवाड़ा किया था। खिलचीपुर के एक टेलर का मकान और इंदौर के एक व्यापारी की दुकान को दस्तावेजों में अपनी संपत्ति बताया गया। आरोपी ने नकली दस्तावेज, सील और साइन का इस्तेमाल किया। पहले पिता के नाम पर संपत्ति दिखाई गई, फिर उन्हें मृत घोषित कर संपत्ति मां और अपने नाम ट्रांसफर कर ली गई। लोन के लिए आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया और 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर लिया।












