मुख्य बातें
- ट्विशा शर्मा की मौत मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ ने सीन रिक्रिएट किया।
- सीबीआई जांच में ट्विशा की कंपनी की वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हुआ।
- ट्विशा को 6-7 महीने से सैलरी नहीं मिली थी, सीबीआई कर रही है जांच।
- समर्थ ने ट्विशा की कंपनी में 7-8 लाख रुपए का निवेश किया था।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सोमवार को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने 12 मई की रात के घटनाक्रम को रिक्रिएट किया। मंगलवार, 2 जून को इनकी सीबीआई रिमांड समाप्त होने वाली है। इस बीच, सीबीआई की जांच में ट्विशा की प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जो मामले की दिशा को बदल सकती हैं।
सीबीआई की जांच में नए खुलासे
सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि ट्विशा शर्मा जिस कंपनी में काम कर रही थीं, वहां से उन्हें 6-7 महीनों से सैलरी नहीं मिली थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्विशा ने नारसी मोंजी कॉलेज से एमबीए की डिग्री प्राप्त की थी और मुंबई में एक फूड फ्लेवर बनाने वाली कंपनी में 6 साल तक काम किया। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली स्थित एक जर्मन कंपनी में कम्युनिकेशन एंड ऑनबोर्डिंग मैनेजर के रूप में कार्य किया। अब यह कंपनी भी सीबीआई की जांच के दायरे में आ गई है।
समर्थ का कंपनी से कनेक्शन
जांच के दौरान, सीबीआई को समर्थ सिंह का भी ट्विशा की कंपनी से कनेक्शन मिला है। जानकारी के अनुसार, समर्थ ने इस कंपनी में 7-8 लाख रुपए का निवेश किया था। सीबीआई अब इस पहलू की भी गहनता से जांच कर रही है।
रिमांड की स्थिति
मंगलवार सुबह 11:30 बजे, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। 2 जून को उनकी सीबीआई रिमांड समाप्त हो रही है। यदि सीबीआई को इनसे और पूछताछ की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है। अन्यथा, कोर्ट उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे सकती है।












