मुख्य बातें
- भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने क्राइम रिक्रिएशन किया।
- मौत के घटनाक्रम को समझने के लिए 80 किलों का डमी इस्तेमाल किया गया।
- समर्थ और गिरिबाला ने फंदा खोलने में सहयोग किया, जांच जारी है।
- सीबीआई अब समर्थ के ठहरने में मदद करने वालों की पहचान कर रही है।
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। दिल्ली से आई एक विशेष टीम ने घटनास्थल पर क्राइम रिक्रिएशन किया, जिसमें 80 किलों का डमी इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य घटना के समय की परिस्थितियों को समझना और साक्ष्यों का मिलान करना है। इस मामले में समर्थ सिंह और गिरिबाला की भूमिका पर भी गहन जांच चल रही है।
क्राइम रिक्रिएशन की प्रक्रिया
सीबीआई ने क्राइम रिक्रिएशन के दौरान घटनास्थल पर 80 किलों के डमी का उपयोग किया, जिसमें रेत भरी गई थी। अधिकारियों ने इंचीटेप से क्राइम सीन को मार्क किया और घटना के दिन की परिस्थितियों को फिर से तैयार किया। इस दौरान समर्थ और गिरिबाला दोनों ने फंदा खोलने में सहयोग किया। यह प्रक्रिया लगभग दो घंटे तक चली।
समर्थ की भूमिका पर सवाल
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि समर्थ सिंह ने ट्विशा की मौत के बाद दो दिन भोपाल में बिताए और फिर जबलपुर चला गया। 22 मई को उसने जबलपुर की अदालत में सरेंडर किया। अब सीबीआई उन लोगों से पूछताछ कर रही है जिन्होंने समर्थ को छिपने में मदद की।
मौत के कारणों की जांच
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आत्महत्या और हत्या के बीच उलझन बनी हुई है। समर्थ इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि सीबीआई मौत से पहले की परिस्थितियों और दोनों के संबंधों की जांच कर रही है। सीबीआई यह जानने की कोशिश कर रही है कि यदि यह आत्महत्या थी, तो इसके पीछे क्या कारण थे।
साक्ष्यों की पड़ताल
सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जैसे कि ट्विशा के शरीर पर चोटों के निशान कैसे आए, घटना के बाद घर के भीतर क्या गतिविधियां हुईं, और सीसीटीवी फुटेज क्या दर्शाते हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान किन स्तरों पर चूक हुई, और पुलिस कार्रवाई में क्या हुआ, इन सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।












