मुख्य बातें
- गिरिबाला सिंह, पूर्व न्यायाधीश, अब ट्विशा शर्मा केस में आरोपी हैं।
- उन्हें और उनके बेटे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
- जेल में गिरिबाला की दिनचर्या अब सख्त नियमों में बंधी है।
- गिरिबाला ने 39 दोषियों को सजा सुनाई थी, अब खुद आरोपों का सामना कर रही हैं।
भोपाल में ट्विशा शर्मा हत्या मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह, जो पहले एक सम्मानित न्यायाधीश थीं, अब जेल में कैदी नंबर 71 के रूप में रह रही हैं। गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गिरिबाला की व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में भी एक बड़ा मोड़ है।
गिरिबाला सिंह का न्यायिक करियर
गिरिबाला सिंह ने अपने करियर में 39 दोषियों को सजा सुनाई थी और वे भोपाल में चार साल तक न्यायाधीश रहीं। उनके फैसलों का अदालत में हमेशा इंतजार किया जाता था। रिटायरमेंट के बाद, उन्होंने शांति से जीवन बिताने की योजना बनाई थी, लेकिन ट्विशा शर्मा केस ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया।
जेल में जीवन की कठिनाइयाँ
जेल में गिरिबाला की दिनचर्या अब सख्त नियमों में बंधी है। उनके पास केवल एक कटोरी, एक चादर और एक शॉल है। जेल सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला रातभर करवटें बदलती रहीं और उनकी चिंता और बेबसी उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही है।
न्यायिक हिरासत की स्थिति
गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया है। मामले की कानूनी लड़ाई अभी जारी है और फैसला आना बाकी है। गिरिबाला ने सीबीआई पर खराब व्यवहार का आरोप लगाया है और बुजुर्ग होने के नाते सुविधाओं की मांग की है।
समय का फेर
गिरिबाला सिंह की कहानी केवल कानूनी मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की अनिश्चितता और समय के फेर का एक उदाहरण भी है। एक समय पर न्याय की देवी मानी जाने वाली गिरिबाला अब खुद आरोपों का सामना कर रही हैं। उनकी मानसिक स्थिति और जेल में बिताए गए समय ने उन्हें गहरे तनाव में डाल दिया है।












