मुख्य बातें
- भोपाल में ट्विशा शर्मा मामले में CBI ने आरोपी समर्थ सिंह की फरारी पर ध्यान केंद्रित किया।
- सीबीआई ने घटना की रात का सीन रिक्रिएशन किया, जिसमें आरोपी शामिल हुए।
- 34 मिनट का वीडियो सबूत CBI के हाथ लगा, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।
- समर्थ ने सीबीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया, जिससे जांच में बाधा आ रही है।
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में सोमवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ को उनके बंगले में वापस लाकर घटना की रात का सीन रिक्रिएट किया। इस दौरान, सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए समर्थ सिंह की फरारी से जुड़े अनसुलझे सवालों पर ध्यान केंद्रित किया।
फरारी के समय की जांच
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान समर्थ को किसने मदद की और वह भोपाल-इंदौर में किसके पास छिपा रहा। इसके साथ ही, सीबीआई समर्थ द्वारा किए गए चिकित्सा संबंधी दावों और उस अवधि के घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।
समर्थ का मौन
जब सीबीआई ने पूछताछ के दौरान समर्थ से फरारी से जुड़े सवाल किए, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इस स्थिति के बाद, एजेंसी उसके संपर्कों, यात्रा विवरण और संभावित मददगारों की पहचान करने में जुट गई है। यदि इस पहलू पर कोई सुराग मिलता है, तो यह पूरे मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
महत्वपूर्ण वीडियो सबूत
सीबीआई को आरक्षक राघवेंद्र सिंह पटेल से 34 मिनट का एक वीडियो मिला है, जिसे सीबीआई ने महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में जब्त किया है। इस वीडियो में घटना के बाद आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर का ताला खुलने से लेकर घटनास्थल सील होने तक का पूरा दृश्य रिकॉर्ड है। यह वीडियो सीबीआई को ट्विशा की मौत के बाद की स्थिति को समझने में मदद करेगा, जिससे साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं रहेगी।












