मुख्य बातें
- सीबीआई ने ट्विशा शर्मा मामले में क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया।
- घटनास्थल पर 80 किलो की डमी का इस्तेमाल किया गया।
- गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से पूछताछ जारी है।
- सीबीआई रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही है।
भोपाल में हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सोमवार को घटना के 20 दिन बाद पीड़िता के घर पर क्राइम सीन का विस्तृत रीक्रिएशन किया। इस प्रक्रिया में दिल्ली से आई एक विशेष फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर सीबीआई ने 80 किलो की डमी का उपयोग किया, जो ट्विशा के बॉडी वेट से मेल खाती थी। यह रीक्रिएशन लगभग साढ़े तीन घंटे तक चला और इसमें गिरिबाला सिंह के घरेलू हेल्पर और समर्थ के चचेर भाई स्वराज सिंह को भी शामिल किया गया।
रीक्रिएशन प्रक्रिया का विवरण
गिरिबाला सिंह के घर में सीन रिकंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया दो घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान, समर्थ सिंह से पूछा गया कि बेल्ट को किस स्थान पर बांधा गया था। इसके बाद, बेल्ट को ओवरहेड शेड स्ट्रक्चर पर उसी स्थान और कोण पर फिक्स किया गया। जांच एजेंसी के अधिकारी दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे थे। इसके बाद, डमी को बेल्ट से लटका दिया गया और गर्दन में दो बार गांठ लगाकर फंदा बांधा गया।
घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
रीक्रिएशन के अनुसार, 12 मई की रात को जब गिरिबाला सिंह ने फंदा खोला, तो समर्थ सिंह ने डमी को पीछे से सपोर्ट दिया। इसके बाद, समर्थ ने डमी को नीचे उतारा और बिस्तर पर रखा। इस दौरान समर्थ और गिरिबाला के बीच गुस्सा भी हुआ। फिर, स्वराज सिंह और एक घरेलू नौकर की मदद से डमी को सीढ़ियों से नीचे लाया गया। इसके बाद, समर्थ और स्वराज को कथित तौर पर किए गए CPR प्रक्रिया को भी रीक्रिएट करने के लिए कहा गया।
सीबीआई रिमांड की स्थिति
पूरे सीन रिक्रिएशन के दौरान, पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ज्यादातर चुप रहे और पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं के साथ सहयोग किया। उनकी सीबीआई रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही है, जब दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। यदि आगे पूछताछ की आवश्यकता हुई, तो जांच एजेंसी कस्टडी बढ़ाने की मांग कर सकती है, अन्यथा कोर्ट उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्णय ले सकता है।












