मुख्य बातें
- भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की सीबीआई जांच जारी है।
- क्राइम रिक्रिएशन के लिए दिल्ली से विशेष टीम पहुंची है।
- 34 मिनट की वीडियोग्राफी को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
- मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा हुआ है।
मध्य प्रदेश के भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। आज, 19 दिन बाद, घटना स्थल का क्राइम रिक्रिएशन किया जा रहा है, जिसमें दिल्ली से आई एक विशेष टीम शामिल है। इस प्रक्रिया में 80 किलोग्राम का डमी भी उपयोग किया जा रहा है ताकि घटना के समय की स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
जांच की प्रक्रिया
सीबीआई के अधिकारी जांच के दौरान समर्थ से सवाल पूछ रहे हैं कि उसने ट्विशा को कैसे उतारा था। समर्थ ने फंदे को ऊंचाई पर ले जाकर अपने उत्तर दिए, लेकिन वह नर्वस नजर आ रहा था। अधिकारियों ने यह भी पूछा कि घटना के दिन वहां कौन-कौन मौजूद था और ट्विशा के फंदे की गांठ को किसने खोला। सभी उत्तरों को नोट किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण साक्ष्य
सीबीआई के अधिकारी क्राइम सीन पर इंचीटेप के जरिए मार्किंग कर रहे हैं। 2 जून को समर्थ और गिरिबाला की रिमांड समाप्त हो रही है, और उन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, समर्थ सीबीआई की जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, जबकि गिरिबाला भी सवालों के सही उत्तर नहीं दे रहे हैं।
वीडियोग्राफी का महत्व
मामले में एक नया पहलू आरक्षक राघवेंद्र सिंह पटेल द्वारा बनाई गई 34 मिनट की वीडियोग्राफी है। यह वीडियो उस समय का है जब गिरिबाला के घर का ताला खोला गया और घटनास्थल को सील किया गया। सीबीआई ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया है, जिससे उन्हें घटनास्थल की स्थिति को समझने में मदद मिली है।
आत्महत्या या हत्या?
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आत्महत्या और हत्या के बीच उलझन बनी हुई है। समर्थ इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि जांच एजेंसी मौत से पहले की परिस्थितियों, दोनों के संबंधों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रही है। सीबीआई यह जानने की कोशिश कर रही है कि यदि यह आत्महत्या थी, तो इसके पीछे क्या कारण थे।












