मुख्य बातें
- भोपाल में ट्विशा शर्मा मामले में सीबीआई ने क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया।
- सास गिरिबाला और पति समर्थ के बयानों में विरोधाभास सामने आया है।
- सीबीआई ने 34 मिनट की वीडियोग्राफी को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया।
- सीबीआई मंगलवार को रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है।
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने हाल ही में घटनास्थल का रीक्रिएशन किया। इस दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ ने बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर में घटनाक्रम को दोहराया। इस जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं, जो मामले की गुत्थी को सुलझाने में मदद कर सकते हैं।
घटना का रीक्रिएशन
सीबीआई ने ट्विशा की हाइट और वजन के बराबर सफेद पुतले को फंदे पर लटकाया। समर्थ ने पुतले को उठाया, जबकि गिरिबाला ने फंदा खोलने में महज 10 सेकंड का समय लिया। इस प्रक्रिया में साढ़े तीन घंटे लगे, जिसमें गिरिबाला, समर्थ, चचेरे भाई स्वराज और नौकरों ने घटनाक्रम को दोहराया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।
समर्थ का गुस्सा
रीक्रिएशन के दौरान जब डमी को पलंग पर लिटाया गया, तब सीबीआई ने समर्थ से सवाल किए। कुछ सवालों पर समर्थ नाराज हो गए और जांच टीम के सामने आपत्ति जताई। उन्होंने तेजी से दूसरी मंजिल की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें वापस बुलाया। गिरिबाला भी एक मौके पर सिर पकड़कर अपनी बात समझाने की कोशिश करती नजर आईं।
चोटों के निशान का रहस्य
रीक्रिएशन में ट्विशा के शरीर पर 6 चोटों के निशान की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। प्रारंभिक पुलिस थ्योरी में जिस पेटी का जिक्र था, उसकी भूमिका भी स्पष्ट नहीं है। यह पेटी जब्ती सूची में भी नहीं है। गिरिबाला और समर्थ ने चोटों के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
सीबीआई की जांच के पहलू
सीबीआई विभिन्न एंगल से जांच कर रही है, जिसमें डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य, बयान में विरोधाभास, डिलीट डेटा और गायब सिम कार्ड शामिल हैं। सीबीआई की पांच दिन की रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही है, लेकिन कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ अभी बाकी है।
महत्वपूर्ण वीडियोग्राफी
आरक्षक राघवेंद्र सिंह पटेल द्वारा बनाई गई 34 मिनट की वीडियोग्राफी मामले में एक नया और महत्वपूर्ण पहलू है। यह वीडियो गिरिबाला सिंह के घर का ताला खुलने से लेकर घटनास्थल सील होने तक का पूरा दृश्य रिकॉर्ड करता है। सीबीआई ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया है, जो मामले की जांच में मददगार साबित हो सकता है।












