मुख्य बातें
- ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने नए तथ्य उजागर किए हैं।
- आरोपी समर्थ सिंह एफआईआर के बाद भी भोपाल में रुका रहा, जबलपुर नहीं भागा।
- सीबीआई अब सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जांच कर रही है।
- समर्थ सिंह के परिवार के रसूखदार संबंधों की भी जांच की जा रही है।
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी समर्थ सिंह, पत्नी की मौत के बाद तुरंत भागा नहीं था, बल्कि वह कुछ दिनों तक भोपाल में ही रुका रहा। यह जानकारी मामले की गुत्थी को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है।
जांच में नए तथ्य
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, समर्थ सिंह ने एफआईआर दर्ज होने के बाद भी भोपाल में रहकर मामले की जानकारी ली और अपने बचाव के लिए उपाय जुटाए। पहले यह कहा गया था कि वह जबलपुर भाग गया था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह भोपाल में ही रुका रहा।
समर्थ सिंह की गिरफ्तारी
जांच में यह भी सामने आया है कि समर्थ सिंह ने भोपाल में लगभग तीन दिन बिताए और उसके बाद जबलपुर गया, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या ट्विशा की मौत के बाद सबूतों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई थी।
परिवार के रसूखदार संबंध
समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी रह चुकी हैं, और वह खुद भी एक क्रिमिनल लॉयर हैं। इसके अलावा, वह मध्यप्रदेश सरकार के कानूनी सलाहकार भी रह चुके हैं। इस कारण उनके परिवार के कई रसूखदारों, वकीलों और न्यायिक अधिकारियों से गहरे संबंध हैं। सीबीआई इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या समर्थ और गिरिबाला ने इन संबंधों का लाभ उठाने की कोशिश की।
सीबीआई की आगे की योजना
सीबीआई अब इस मामले की हर गुत्थी को सुलझाने के लिए प्रयासरत है। जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्या किसी प्रकार का प्रभाव या दबाव मामले में डाला गया था। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा में सीबीआई की रणनीति महत्वपूर्ण होगी।












