मुख्य बातें
- मध्यप्रदेश में अचानक मौसम में बदलाव, तापमान में 5 से 10 डिग्री की गिरावट आई है।
- प्री-मानसून गतिविधियों के चलते कई जिलों में बारिश और ओला वृष्टि की खबरें हैं।
- नया पश्चिमी विक्षोभ 3 जून से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी मानसून की दस्तक का संकेत मिल रहा है।
मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम में बदलाव आया है, जिससे प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस गिर गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई स्थानों पर बारिश और ओला वृष्टि की घटनाएं हुई हैं। भोपाल में सोमवार को धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई, जो आगामी मानसून के संकेत देती है।
प्री-मानसून गतिविधियों का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र नायक के अनुसार, मई 2026 में मध्यप्रदेश में गर्मी और शांत हवाओं का प्रभाव स्पष्ट था। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आई नमी के कारण प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हुईं, जिससे तापमान में गिरावट आई। सतना में प्री-मानसून के तहत 34 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास एक चक्रवाती परिसंरचना के रूप में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके अलावा, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 3 जून से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे मध्यप्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर, खरगोन, धार, नर्मदापुरम, मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी और सिंगरौली जिलों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इसके साथ ही, चंबल, ग्वालियर, अशोकनगर को छोड़कर रीवा, शहडोल संभागों के सभी जिलों में वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है।
गर्मी का रिकॉर्ड
मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में मई के महीने में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। नौगांव में 28 मई को तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। टीकमगढ़ में 26 से 29 मई के बीच लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान दर्ज किया गया।












