मुख्य बातें
- मनरेगा में एनएमएमएस एप के उपयोग में अनियमितताएं सामने आई हैं।
- जैसलमेर जिले की पंचायतों में उपस्थिति रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गईं।
- फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां देखी गई हैं।
- विकास अधिकारी ने नियमित निगरानी की बात कही है।
पोकरण में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत नरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) एप के उपयोग में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। जैसलमेर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
अनियमितताओं का खुलासा
एनएमएमएस पोर्टल की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिले की सात पंचायत समितियों-सांकड़ा, भणियाणा, नाचना, मोहनगढ़, फतेहगढ़, जैसलमेर और सम क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 13 मई की उपस्थिति रिकॉर्ड में कई विसंगतियां पाई गई हैं। अधिकांश कार्यस्थलों पर केवल सुबह का फोटो अपलोड किया गया, जबकि कार्य समाप्ति का फोटो अनुपस्थित मिला।
फोटो की गुणवत्ता पर सवाल
कई स्थानों पर अपलोड किए गए फोटो इतने धुंधले थे कि श्रमिकों की पहचान करना संभव नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कार्यस्थलों पर केवल एक या दो श्रमिकों के फोटो अपलोड किए गए, जबकि उपस्थिति आठ से दस श्रमिकों की दर्ज की गई। कुछ मामलों में फोटो उपलब्ध नहीं होने के बावजूद सभी श्रमिकों की हाजिरी दर्ज मिली, जिससे एनएमएमएस एप की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
पारदर्शिता का उद्देश्य प्रभावित
मनरेगा में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की गई थी। लेकिन जमीनी स्तर पर नियमों की अनदेखी से इसका उद्देश्य प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। नियमित पर्यवेक्षण और सत्यापन के अभाव में अनियमितताओं की संभावना बढ़ रही है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
विकास अधिकारी हनुमानाराम चौधरी ने कहा कि पोर्टल की नियमित निगरानी की जा रही है और फिलहाल ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और उपस्थिति में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट फाइल
- मनरेगा में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान है।
- एनएमएमएस एप पर 2 फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।
- जैसलमेर जिले में 7 पंचायत समितियां और 206 ग्राम पंचायतें हैं।












