मुख्य बातें
- सूरत में नवजात शिशु का शव कचरे में मिलने का मामला सामने आया है।
- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक महिला को गिरफ्तार किया।
- महिला ने समाज में बदनामी के डर से नवजात को फेंकने की बात स्वीकार की।
- मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
सूरत में एक नवजात शिशु का शव कचरे के ढेर में मिलने की घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है। यह मामला 25 मई 2026 की रात का है, जब चौक बाजार थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर एक महिला को गिरफ्तार किया। महिला ने स्वीकार किया कि उसने अपने मृत नवजात को समाज में बदनामी के डर से कचरे में फेंका था।
घटना का विवरण
यह घटना रात करीब एक बजे कतारगाम के अवधूतनगर सोसायटी क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली कि सीताराम फ्लोर मिल के सामने एक फटी हुई प्लास्टिक की थैली में नवजात का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में देखा गया कि कुछ आवारा कुत्ते थैली को कचरे से खींचकर सड़क तक ले आए थे।
पुलिस की जांच
जांच के दौरान एक महिला संदिग्ध रूप से दिखाई दी, जो हाथ में काले रंग की प्लास्टिक की थैली लेकर जा रही थी। पुलिस ने इस सुराग के आधार पर आगे की जांच की और आरोपी महिला की पहचान 43 वर्षीय हेमलताबेन विरेंद्रसिंह बारिया के रूप में की। वह घरेलू कामकाज कर अपना जीवनयापन करती है और शांतिनगर सोसायटी में रहती है।
महिला का बयान
पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसके पहले से दो वयस्क बच्चे हैं और वह दोबारा गर्भवती हो गई थी। समाज में बदनामी के डर से उसने नवजात को जन्म देने के बाद प्लास्टिक की थैली में डालकर कचरे में फेंक दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं।
कानूनी कार्रवाई
चौक बाजार पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 94 और 91 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महिला को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की गई और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।












