मुख्य बातें
- गुजरात बीजेपी नेता योगेश पटेल का 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
- पटेल ने वडोदरा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- उन्होंने 1995 से 2022 तक विधायक के रूप में कार्य किया।
- उनके निधन से वडोदरा में शोक की लहर दौड़ गई है।
गुजरात के वडोदरा में बीजेपी नेता और मांजलपुर विधायक योगेश पटेल का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सोमवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली। पटेल, जो आठ बार विधायक रह चुके थे, वडोदरा की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा माने जाते थे।
राजनीतिक करियर
योगेश पटेल ने 1995 से 2012 तक रावपुरा सीट से लगातार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। परिसीमन के बाद, उन्होंने मांजलपुर सीट से चुनाव लड़ना शुरू किया और 2012 से लगातार इस सीट पर जीत हासिल की। 2022 के विधानसभा चुनाव में, 76 वर्ष की आयु में भी बीजेपी ने उन पर भरोसा जताया और उन्होंने फिर से जीत दर्ज की।
सरकारी भूमिका और जनसंपर्क
पटेल 2019 से 2021 तक विजय रूपाणी सरकार में राज्य मंत्री भी रहे। मंत्री पद पर रहते हुए भी वे जमीनी राजनीति से जुड़े रहे और जनता के मुद्दों को उठाने में सक्रिय रहे। कई बार उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ भी आवाज उठाई।
आंदोलन और पहचान
योगेश पटेल का छात्र जीवन से ही आंदोलनों में सक्रिय रहना उनकी पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। 1978 में दूध की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आंदोलन के बाद वे चर्चा में आए। इस कारण, वडोदरा में उनकी पहचान केवल एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में भी बनी।
शोक की लहर
योगेश पटेल के निधन के बाद वडोदरा की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके योगदान को याद करते हुए, स्थानीय नेताओं और जनता ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।












