मुख्य बातें
- गुंजन कुमारी ने पति के आरोपों को खारिज किया, कहा कोई सबूत नहीं है।
- शिक्षिका ने अपनी मेहनत और संघर्ष से शिक्षक बनने की कहानी साझा की।
- पति द्वारा जमीन बेचने के आरोप को गुंजन ने गलत बताया।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, दोनों पक्षों के बयान लिए गए।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षिका गुंजन कुमारी और उनके पति अमन कुमार के बीच चल रहे विवाद में गुंजन ने अपने पक्ष को स्पष्ट किया है। उन्होंने पति के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अब तक कोई भी आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ है। गुंजन ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर शिक्षक बनने की कहानी साझा की और न्यायालय पर भरोसा जताया।
गुंजन का संघर्ष और मेहनत
गुंजन कुमारी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी शादी इंटरमीडिएट के बाद हुई थी। शादी के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने बीएड किया, सीटेट परीक्षा पास की और फिर BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी की। गुंजन ने कहा कि उनकी सफलता का श्रेय किसी और को नहीं, बल्कि उनकी मेहनत को जाता है।
जमीन बेचने के आरोप का खंडन
गुंजन ने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए आरोप को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन उनके पति ने इलाज के लिए बेची थी, न कि उनकी पढ़ाई के लिए। गुंजन ने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और उन्होंने लोगों से अपील की कि मामले को निष्पक्षता से देखा जाए।
सुपौल में नौकरी और मानसिक दबाव
गुंजन ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी, जहां वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं। उन्होंने कहा कि नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। गुंजन ने आरोप लगाया कि उनके पति वहां जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ।
दार्जिलिंग यात्रा पर स्पष्टीकरण
गुंजन ने दार्जिलिंग यात्रा को लेकर भी अपने पक्ष को रखा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद की थी और उन्होंने अपने परिवार को लगातार जानकारी दी थी। गुंजन ने इस यात्रा को लेकर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया।
कस्टडी और तलाक की स्थिति
गुंजन ने कहा कि उनके नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाया गया है। उन्होंने न्यायालय में बच्चे की कस्टडी के लिए याचिका दायर की है। गुंजन ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चे का पालन-पोषण किया है और उसे पाने का कानूनी अधिकार रखती हैं। तलाक के मामले में उन्होंने अदालत के समक्ष अपने सभी तथ्य प्रस्तुत किए हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
इस मामले में सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि पति अमन कुमार की ओर से एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान लिए गए हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आगे की कार्रवाई जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
इस प्रकार, गुंजन कुमारी और अमन कुमार के बीच का विवाद कानूनी प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है। गुंजन ने आरोपों को खारिज करते हुए न्यायालय पर भरोसा जताया है, जबकि अमन गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब इस विवाद का अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगा।












