मुख्य बातें
- बिहार में विधान परिषद चुनाव से पहले AIMIM ने RJD पर दबाव बढ़ाया है।
- AIMIM ने राज्यसभा चुनाव में समर्थन का हवाला देते हुए सीट बंटवारे की मांग की।
- तेजस्वी यादव के सामने राजनीतिक संतुलन बनाने की चुनौती है।
- NDA विपक्षी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, चुनाव 18 जून को होंगे।
बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर सीट बंटवारे के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। AIMIM ने RJD को याद दिलाया है कि उसने इस साल की शुरुआत में हुए राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन उम्मीदवार का समर्थन किया था, और अब वह उसी समर्थन के बदले राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग कर रही है।
AIMIM की मांग का आधार
AIMIM का कहना है कि राज्यसभा चुनाव में उसका समर्थन निर्णायक था, इसलिए उसे विधान परिषद चुनाव में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बिहार AIMIM के अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी अब राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आकांक्षा रखती है। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी गठबंधन को उनकी जरूरत थी, तब AIMIM उनके साथ खड़ी थी, इसलिए उनकी दावेदारी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राजनीतिक संतुलन की चुनौती
विपक्षी गठबंधन के खाते में केवल एक MLC सीट आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह मामला केवल सीट बंटवारे तक सीमित नहीं रह गया है। तेजस्वी यादव के सामने राजनीतिक संतुलन बनाने की बड़ी परीक्षा है। AIMIM अपनी पहचान को केवल ‘वोट काटने वाली पार्टी’ तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वह सीमांचल क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
लालू परिवार में चर्चाएँ
एकमात्र संभावित MLC सीट को लेकर लालू प्रसाद यादव के परिवार में चर्चाएँ तेज हो गई हैं। पटना के राजनीतिक गलियारों में रोहिणी आचार्य, तेज प्रताप यादव और राजश्री यादव जैसे नामों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, रोहिणी आचार्य ने चुनाव लड़ने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। इसके बावजूद, राजनीतिक चर्चाएँ जारी हैं, खासकर जब लालू प्रसाद यादव सिंगापुर में हैं।
NDA की नजरें
NDA भी विपक्षी खेमे में चल रही गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीट शेयरिंग को लेकर किसी भी तरह की सार्वजनिक असहमति का फायदा सत्तारूढ़ गठबंधन को मिल सकता है। NDA पहले 10 MLC सीटों पर जीत का दावा कर चुका है, जिनके लिए मतदान 18 जून को होना है।












