मुख्य बातें
- पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला, फायरिंग के आरोपों में उलझन।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा बताया जा रहा है।
- खान सर ने पहले फायरिंग का दावा किया, फिर बयान से पलटे।
- पुलिस ने घटना की जांच शुरू की, सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है।
पटना के मुसल्लहपुर में खान सर के कोचिंग सेंटर पर मंगलवार रात को एक हमला हुआ, जिसमें कई हमलावरों ने तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद खान सर ने पहले फायरिंग का दावा किया, लेकिन बाद में अपने बयान से पलट गए। यह मामला दो कोचिंग संचालकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक माना जा रहा है, जिसमें खान सर और रौशन आनंद सर शामिल हैं।
घटना का विवरण
मंगलवार रात लगभग 10:10 बजे, खान सर के कोचिंग सेंटर पर 15 से 20 की संख्या में हमलावरों ने हमला किया। हमलावरों ने कोचिंग सेंटर के अंदर और बाहर तोड़फोड़ की, जिसमें गार्ड चुनचुन को गंभीर चोटें आईं। गार्ड को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। घटना के तुरंत बाद, कदमकुआं थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पटना के एसपी कार्तिकेय शर्मा भी वहां पहुंचे।
खान सर का बयान
खान सर ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनके प्रतिद्वंदी रौशन आनंद सर के गुर्गों ने हमला किया। उन्होंने कहा कि उनके कोचिंग सेंटर पर 10 राउंड फायरिंग हुई। हालांकि, बाद में उन्होंने इस दावे से पलटते हुए कहा कि घटना के समय माहौल बेहद अफरा-तफरी का था और उनके गार्ड की जानकारी के आधार पर उन्होंने फायरिंग की बात कही थी।
पुलिस की जांच
पटना पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि यह घटना कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण हुई है। पुलिस ने खान सर के कोचिंग सेंटर के गेट को तोड़ने की पुष्टि की है, लेकिन फायरिंग की पुष्टि नहीं की गई है।
छात्रों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद, खान ग्लोबल स्टडीज ने सभी क्लासेस कैंसिल कर दिए हैं। सुबह से छात्रों की बड़ी संख्या कोचिंग सेंटर के बाहर इकट्ठा हो गई, और उन्होंने नारेबाजी की। खान सर को छात्रों के बीच आकर उन्हें संदेश देने के लिए बालकनी में आना पड़ा।
वर्चस्व की लड़ाई
पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संचालकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चलती रही है। खान सर और रौशन आनंद सर के बीच इस प्रतिस्पर्धा का मुख्य कारण छात्रों के बेहतर प्रदर्शन के दावे हैं। हाल ही में बिहार पुलिस में सिपाही के पदों पर बहाली के बाद, दोनों ने अपने छात्रों की सफलता को लेकर दावे किए थे।












