मुख्य बातें
- बिहार में ’10 सर्कुलर रोड’ सरकारी आवास को लेकर सियासी विवाद बढ़ा।
- राबड़ी देवी को 15 दिनों में आवास खाली करने का नोटिस मिला है।
- तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।
- नया आवास ’39 हार्डिंग रोड’ पूरी तरह तैयार है।
बिहार की राजनीति में ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित सरकारी आवास को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार को इस आवास को खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। इस मुद्दे पर राबड़ी देवी और उनके बेटे तेज प्रताप यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
तेज प्रताप का बयान
राबड़ी देवी के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार पर सीधा हमला करते हुए कहा, “यदि सरकार नियमों का हवाला दे रही है, तो सबसे पहले नीतीश कुमार का सरकारी आवास खाली होना चाहिए। जब वह अपने पूर्व मुख्यमंत्री वाले आवास को छोड़ देंगे, तब मां भी 10 सर्कुलर रोड वाला आवास खाली कर देंगी।” तेज प्रताप ने सरकार के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाया है।
आवास का महत्व
बिहार का 10 सर्कुलर रोड केवल एक सरकारी बंगला नहीं है, बल्कि यह पिछले कई दशकों से राजद और लालू परिवार की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। वर्तमान में यह आवास राबड़ी देवी के नाम पर आवंटित है, जो बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं।
नए आवास की तैयारी
बिहार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने बताया कि राबड़ी देवी को ’39 हार्डिंग रोड’ स्थित नया आवास 2025 के अंत में आवंटित किया गया था। यह नया आवास पूरी तरह से तैयार है, लेकिन राबड़ी देवी ने अभी तक 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली नहीं किया है।
सरकार की कार्रवाई
भवन निर्माण विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए 10 सर्कुलर रोड को एनडीए सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है। मंत्री नंदकिशोर राम को जल्द ही इस आवास में शिफ्ट होना है, जिसके चलते राबड़ी देवी को 15 दिनों के भीतर आवास खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। मंत्री लेशी सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी।












