मुख्य बातें
- बिहार में सरकारी बसों के किराए में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
- बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने प्राइवेट बसों के किराए में भी वृद्धि का ऐलान किया है।
- महंगाई के कारण 16 लाख यात्रियों पर किराया बढ़ने का सीधा असर पड़ेगा।
- ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना, परिवहन विभाग के फैसले के बाद।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने सोमवार से राज्य भर में अपनी लगभग 1500 सरकारी बसों के किराए में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह निर्णय डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के कारण लिया गया है, जिसका प्रभाव प्रतिदिन यात्रा करने वाले लगभग 16 लाख यात्रियों पर पड़ेगा। इसके साथ ही, बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने भी प्राइवेट बसों के किराए में वृद्धि की घोषणा की है।
किराए में वृद्धि का कारण
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने नए फेयर चार्ट के तहत सभी स्टेट और सिटी बसों के किराए में वृद्धि की है। यह कदम डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण उठाया गया है। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और सेवा को बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
प्राइवेट बसों का किराया भी बढ़ेगा
बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने आगामी 8 जून से राज्य की लगभग 40 हजार प्राइवेट बसों के किराए में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इससे आम जनता की परेशानी और बढ़ेगी, क्योंकि पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे यात्रियों को अब और अधिक खर्च करना पड़ेगा।
यात्रियों पर प्रभाव
इस बढ़ोतरी का सीधा असर राज्य के लगभग 16 लाख यात्रियों पर पड़ेगा। महंगाई के इस दौर में, यात्रियों को अब बस यात्रा के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे। इसके अलावा, ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
ऑटो किराए में संभावित वृद्धि
परिवहन विभाग द्वारा बस किराए में वृद्धि के बाद, ऑटो चालकों ने भी अपने किराए में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। पहले, ऑटो चालकों ने किराया नहीं बढ़ाने का फैसला किया था, लेकिन अब पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें भी अपनी दरें बढ़ानी पड़ रही हैं। ऑटो फेडरेशन जल्द ही नई रेट लिस्ट जारी करेगा।












