मुख्य बातें
- योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शामिल।
- आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के विकास के लिए योजना को मिली स्वीकृति।
- उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में किए गए संशोधन से निवेश को मिलेगा बढ़ावा।
- सरकार का दावा, नए फैसलों से परिवहन और शहरी विकास में आएगी नई गति।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें 18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों का विकास, और उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन शामिल हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य परिवहन, शहरी विकास और निवेश को नई दिशा देना है।
1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा-जेवर क्षेत्र में कुल 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों द्वारा GCC मॉडल पर किया जाएगा, जिसमें 12 वर्ष की अनुबंध अवधि निर्धारित की गई है।
निजी ऑपरेटरों की जिम्मेदारी
GCC मॉडल के तहत बसों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना, ड्राइवर और तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था, संचालन और अनुरक्षण की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी। राज्य सरकार निर्धारित मानकों के अनुसार ऑपरेटरों को संचालन और अनुरक्षण शुल्क का भुगतान करेगी। योजना के तहत 12 मीटर की प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस पर 40 लाख रुपये और 9 मीटर की बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।
नए शहरों का विकास
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के विकास के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह योजना तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इसके लिए 6 अप्रैल 2023 को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।
सेमीकंडक्टर नीति में संशोधन
योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि बदलते औद्योगिक माहौल और निवेशकों की जरूरतों को देखते हुए यह संशोधन आवश्यक था। इस नीति के तहत निवेश को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए संशोधन किए गए हैं, जिससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद है।
गौरतलब है कि वर्तमान में प्रदेश के 15 नगर निगम क्षेत्रों में नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। नई 1725 इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से उत्तर प्रदेश का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा, जिससे प्रदूषण में कमी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।












