मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में 18 महीने के बच्चे आरव की हत्या के आरोपी का परिवार सामने आया।
- आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज के व्यवहार में हाल के महीनों में बदलाव देखा गया था।
- परिवार ने बताया कि विराज को 2020 में सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जिससे उसका स्वभाव प्रभावित हुआ।
- भाइयों ने हत्या को खौफनाक और अमानवीय बताया, और इसके लिए कोई माफी नहीं मांगी।
उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में 18 महीने के मासूम आरव की हत्या के मामले में आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज के परिवार ने कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। बदायूं जिले के शेखूपुर कस्बे के निवासी विराज के तीन भाइयों ने उसके अतीत और हाल के व्यवहार के बारे में खुलासा किया है, जो इस जघन्य अपराध के पीछे के कारणों को समझने में मदद कर सकता है।
परिवार की पृष्ठभूमि
विराज, जो लगभग 28 वर्ष का है, ने बदायूं के इस्लामिया इंटर कॉलेज से हाईस्कूल तक पढ़ाई की। उसके पिता की अप्रत्याशित मृत्यु के बाद, परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई, जिससे उसकी पढ़ाई अधूरी रह गई। इसके बाद, उसने टैक्सी चलाने का काम किया, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सका। अंततः, उसने एक छोटी परचून की दुकान खोली, जो परिवार के लिए आय का स्रोत बनी।
स्वभाव में बदलाव
भाई सोनू पाठक के अनुसार, परिवार ने विराज के लिए एक बड़ा प्रोविजनल स्टोर खोला था, जो अच्छी तरह चल रहा था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में उसके व्यवहार में बदलाव देखा गया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह दुकान पर घंटों फोन पर बात करता था और कई बार बिना बताए घर से बाहर चला जाता था।
हत्या के बाद का घटनाक्रम
आरव की हत्या के तुरंत बाद, विराज ने अपने बड़े भाई राजीव को फोन किया और रोते हुए कहा कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। राजीव ने बताया कि 2020-21 में एक विवाद के दौरान विराज के सिर पर लोहे की रॉड से हमला हुआ था, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। इस घटना के बाद से उसका स्वभाव चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो गया था।
परिवार की प्रतिक्रिया
भाइयों ने स्पष्ट किया कि विराज का कृत्य बेहद गलत और अमानवीय है। उन्होंने कहा कि एक मासूम बच्चे के साथ हुई इस हैवानियत को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। परिवार इस जघन्य अपराध से पूरी तरह टूट चुका है, और उनका कहना है कि इस घटना के लिए कोई माफी नहीं हो सकती।












