मुख्य बातें
- वाराणसी में रेलवे स्टेशन के आसपास कई निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
- यह कार्रवाई मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्टेशन के विकास के तहत की गई।
- ध्वस्तीकरण के दौरान क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में तब्दील किया गया।
- प्रस्तावित परियोजना के लिए 47.26 एकड़ भूमि पर विकास कार्य होगा।
वाराणसी में आधी रात को प्रशासन और रेलवे की संयुक्त कार्रवाई में काशी रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित कई निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई काशी रेलवे स्टेशन को मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत की गई। इस कार्रवाई में हनुमान मंदिर, अजगैब शहीद मस्जिद और कब्रिस्तान से जुड़े निर्माणों को शामिल किया गया।
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया
आदमपुर क्षेत्र में राजघाट पुलिस चौकी के पास सबसे पहले रेलवे भूमि पर बने हनुमान मंदिर को हटाया गया। इसके बाद अन्य चिन्हित ढांचों पर बुलडोजर चलाया गया। लगभग एक घंटे के भीतर सभी निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जहां पुलिस, पीएसी और आरपीएफ के जवान तैनात रहे।
सुरक्षा व्यवस्था
ध्वस्तीकरण के दौरान लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बनाया गया था। मीडिया कर्मियों को ध्वस्तीकरण स्थल तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने इस कार्रवाई के संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
प्रस्तावित परियोजना का महत्व
काशी रेलवे स्टेशन को लगभग 336 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक मल्टी-मॉडल इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य रेल, बस और जल परिवहन को एकीकृत कर यात्रियों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
यातायात और पर्यटन पर प्रभाव
नमो घाट और अन्य घाटों से रेलवे स्टेशन को जल परिवहन के माध्यम से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में यातायात का दबाव कम होगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आधुनिक एवं सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।












