मुख्य बातें
- सोनभद्र में ड्रग तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए 100 रुपये के नोट उड़ाए।
- पुलिस ने 59 लाख रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
- तस्करों ने पुलिस पर गोलीबारी की, जिसमें एक आरोपी घायल हुआ।
- पुलिस ने ऑपरेशन में शामिल टीम को सम्मानित किया और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक नाटकीय घटना में पुलिस ने ड्रग तस्करों का पीछा किया, जिन्होंने बचने के लिए 100 रुपये के नोट सड़क पर फेंके। यह घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को हुई, जब पुलिस ने एक होंडा सिटी कार को रुकने का संकेत दिया, लेकिन तस्कर भागने में सफल रहे। इस दौरान पुलिस ने 59 लाख रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
घटना का विवरण
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के अनुसार, जब पुलिस ने एक होंडा सिटी कार को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने इसे नजरअंदाज कर दिया और तेज गति से भागने लगा। इसके बाद स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने उसका पीछा शुरू किया। संदिग्धों ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की, जिससे पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। एक स्थानीय व्यक्ति प्रदीप कुमार मोदनवाल ने पुलिस को अपनी कार दी, जिससे पीछा फिर से शुरू हुआ।
तस्करों की चालाकी
तस्करों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए चलते वाहन से 100 रुपये के नोट सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस ने इस चालाकी को नजरअंदाज करते हुए पीछा जारी रखा। अंततः पुलिस ने चोपन क्षेत्र में वाहन को रोक लिया और उसे घेर लिया। जब तस्करों ने पुलिस पर गोलीबारी की, तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस गोलीबारी में लुधियाना के प्रिंस (27) को चोट आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जब्त सामग्री और पुरस्कार
पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान 3 किलोग्राम अफीम और 225 किलोग्राम पोस्त के छिलके बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 49 लाख रुपये है। इसके अलावा, 50,000 रुपये नकद, एक देसी पिस्तौल और एक खाली कारतूस भी जब्त किया गया। कुल जब्त सामग्री की कीमत 58.75 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि प्रिंस ने पूछताछ में बताया कि वह झारखंड से पंजाब तक नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने SOG टीम के लिए 20,000 रुपये और मोदनवाल के लिए 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश जारी रखी है। इस ऑपरेशन ने न केवल तस्करी के नेटवर्क को उजागर किया है, बल्कि स्थानीय पुलिस की तत्परता को भी दर्शाया है।












