मुख्य बातें
- सोनभद्र में आशा कार्यकर्ता की डिलीवरी के दौरान मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
- ग्लोबल हॉस्पिटल के स्टाफ ने ऑपरेशन टेबल पर महिला को छोड़कर भागने का आरोप है।
- पुलिस ने अस्पताल संचालक पर इनाम घोषित किया, एक आरोपी गिरफ्तार।
- मामले की जांच जारी, अस्पताल का संचालन बिना वैध पंजीकरण के बताया गया।
सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र में एक आशा कार्यकर्ता की डिलीवरी के दौरान मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 38 वर्षीय सीमा देवी, जो पेशे से आशा कार्यकर्ता थीं, प्रसव पीड़ा के चलते कचनारवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, जहां उन्हें ऑपरेशन की सुविधा न होने के कारण ग्लोबल हॉस्पिटल भेजा गया।
घटना का विवरण
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ऑपरेशन के बाद सीमा देवी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। हालांकि, एक राहत की बात यह रही कि उनका बच्चा सुरक्षित है। मृतका के पति ने बताया कि सीमा की इससे पहले चार सामान्य डिलीवरी हो चुकी थीं, लेकिन इस बार निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने का दबाव बनाया गया था।
अस्पताल स्टाफ की लापरवाही
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल का स्टाफ महिला को ऑपरेशन टेबल पर छोड़कर भाग गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। जांच में यह भी सामने आया कि ग्लोबल हॉस्पिटल का संचालन बिना वैध पंजीकरण के किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण कर उसे सीज कर दिया। पुलिस ने अस्पताल संचालक नसीम अहमद पर 25 हजार रुपये और अस्पताल में कार्यरत सलमा नामक महिला पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। सलमा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नसीम अहमद अभी भी फरार है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार अस्पताल संचालक की तलाश जारी है।












