मुख्य बातें
- गाजियाबाद में ओमकार अपहरण कांड की जांच में पुलिस को नहीं मिली सफलता।
- ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
- परिजनों का आरोप, ओमकार को गांव के कुछ लोगों से विवाद के चलते धमकियां मिल रही थीं।
- पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया, मुख्य आरोपियों की तलाश जारी।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में ओमकार उर्फ ओमन के अपहरण का मामला जटिल होता जा रहा है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उसके whereabouts का पता नहीं लगा पाई है। 30 मई को खरखड़ी रेलवे अंडरपास के पास हुई इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, जब बदमाशों ने ओमकार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और उसे घायल अवस्था में अपने साथ ले गए।
घटना का विवरण
30 मई की सुबह करीब साढ़े आठ बजे, लोनी के खरखड़ी रेलवे अंडरपास के पास गोलियों की आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने ओमकार को घेरकर उस पर फायरिंग की। घटनास्थल पर सात से अधिक खोखे मिले, जो इस बात का प्रमाण हैं कि युवक को गोली लगी थी। इसके बाद, हमलावरों ने उसे घायल अवस्था में गाड़ी में डालकर फरार हो गए। इस घटना के बाद से ओमकार का कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के चार दिन बाद भी पुलिस ने नहरों, नदी-नालों और संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। एसडीआरएफ, स्वाट, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की 10 टीमें लगातार ओमकार की तलाश में जुटी हैं। पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही मुकदमा दर्ज किया गया था और अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोपियों को शरण देने का आरोप है।
ग्रामीणों का गुस्सा
इस मामले ने ग्रामीणों के गुस्से को भड़का दिया है। बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर सैकड़ों ग्रामीण और महिलाएं सड़क पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि यदि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई की गई होती, तो शायद यह स्थिति नहीं आती।
परिवार की चिंता
ओमकार के परिवार का कहना है कि उन्हें गांव के कुछ लोगों से धमकियां मिल रही थीं। परिवार के सदस्य हर आने-जाने वाले पर नजर रखते हैं और हर फोन कॉल पर उम्मीद करते हैं। परिजनों का सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं ओमकार के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो।
स्थानीय विधायक की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
हालांकि, 80 घंटे से अधिक समय बीत चुका है और ओमकार अब भी लापता है। यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के सामने एक बड़ा सवाल बन गया है।












