मुख्य बातें
- संभल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कहकशां को उम्रकैद की सजा सुनाई।
- पति मुजफ्फर अली पर सोते समय एसिड अटैक करने का मामला।
- कोर्ट ने 10 सुनवाइयों में ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
- मुजफ्फर की आंखों की रोशनी चली गई, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती।
संभल जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपने पति मुजफ्फर अली पर सोते समय एसिड अटैक करने वाली पत्नी कहकशां को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने 10 सुनवाइयों के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिससे पीड़ित को न्याय मिला। यह घटना नखासा थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां कहकशां ने अपने पति के प्रेम प्रसंग के विरोध पर यह खौफनाक कदम उठाया।
घटना का विवरण
कहकशां और मुजफ्फर का प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही कहकशां का पड़ोस के एक युवक से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। 7 मार्च 2025 को मुजफ्फर ने अपनी पत्नी को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। इसी रंजिश में, जब मुजफ्फर सो रहा था, तब कहकशां ने उस पर तेजाब डाल दिया। इस हमले में मुजफ्फर का चेहरा और शरीर 60 प्रतिशत तक झुलस गया।
अस्पताल में इलाज
एसिड अटैक के बाद मुजफ्फर को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसने छह महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। हालांकि उसकी जान बच गई, लेकिन तेजाब के कारण उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई और वह पूरी तरह अंधा हो गया। वर्तमान में वह गंभीर इंफेक्शन से भी जूझ रहा है और सामान्य जीवन जीने में असमर्थ है।
कोर्ट का फैसला
इस मामले की सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा था। 27 मई को कहकशां को दोषी करार दिया गया था और सोमवार को उम्रकैद का फैसला सुनाया गया। जब कोर्ट ने फैसला सुनाया, तो कहकशां फूट-फूटकर रो पड़ी। वहीं, मुजफ्फर अपनी मां का सहारा लेकर अदालत में पहुंचे, चेहरे पर कपड़ा बांधकर।












