मुख्य बातें
- बरेली पुलिस ने बच्चा चोर और तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
- मुख्य आरोपी नर्स सीता को गिरोह की किंगपिन घोषित किया गया है।
- गिरोह अविवाहित गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर बच्चों को बेचता था।
- गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में पुलिस ने एक बड़े बच्चा चोर और तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें मेडिकल कॉलेज की नर्स सीता को मुख्य सरगना घोषित किया गया है। यह मामला 24 मई को मनौना धाम मंदिर परिसर से डेढ़ साल के बच्चे ऋषभ के अपहरण के बाद सामने आया, जिसे 26 मई को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर सुरक्षित रेस्क्यू किया था।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह अविवाहित गर्भवती महिलाओं को निशाना बनाता था। इन महिलाओं को डिलीवरी के दौरान मदद का भरोसा दिया जाता था और बाद में उनके नवजात बच्चों को अवैध रूप से बेच दिया जाता था। गिरोह में विभिन्न सदस्यों की भूमिकाएं तय थीं, जिनमें कुछ शिकार की तलाश करते थे, कुछ बच्चों का इंतजाम करते थे और बिचौलिए खरीदारों से संपर्क साधते थे।
मुख्य आरोपियों की जानकारी
इस गिरोह के नेटवर्क में लखीमपुर निवासी उत्तम बाजपेयी और सीतापुर के फर्जी डॉक्टर संजय विश्वास शामिल थे। ये फर्जी डॉक्टर बच्चों का इंतजाम करने में मदद करते थे। अपहरण किए गए बच्चे को बरेली के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नर्स सीता को सौंपा जाना था। सीता के कई निजी अस्पतालों और आईवीएफ सेंटरों से संबंध भी सामने आए हैं।
कानूनी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क करने के प्रयास भी जारी हैं। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अंशिका वर्मा ने गिरोह के कई चिकित्सा केंद्रों से जुड़े होने की पुष्टि की है। योगेश और पवन की गिरफ्तारी के बाद अब तक छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।












