झांसी में विद्युत दुर्घटना से हुई मौत के बाद न्याय की जंग तेज
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय पाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का रुख किया है। बुधवार को विक्रमपुरा सानी गांव के निवासी सियाराम पाल अपने बड़े भाई चतुर्भुज पाल की अस्थियों को गले में टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर अधिकारियों से उचित कार्रवाई की मांग की। परिवार का आरोप है कि गांव के सरकारी हैंडपंप में अवैध रूप से सबमर्सिबल पंप जोड़ने के कारण उसमें करंट उतर आया, जिससे चतुर्भुज पाल की मौत हो गई।
पुलिस की लापरवाही और आरोपियों की धमकियों से परिवार परेशान
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज करने में देरी की और जब मामला दर्ज हुआ, तब भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। उल्टा, न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम करने पर परिवार के सदस्यों पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोप है कि आरोपी गांव में घुसने से इनकार कर रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इन सबके बीच परिवार अस्थियां लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई।
घटना का संक्षिप्त विवरण और परिवार की मांग
मामले के अनुसार, 23 मई को विक्रमपुरा सानी गांव के निवासी चतुर्भुज पाल पानी पीने के लिए सरकारी हैंडपंप पर गए थे। उसी समय गांव के अनिल पटेल और पृथ्वी सिंह पटेल ने अपने घर से सबमर्सिबल मोटर चालू कर दी। परिजनों का आरोप है कि अवैध रूप से डाली गई इस मोटर के कारण हैंडपंप में करंट उतर आया, जिससे चतुर्भुज पाल गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत गुरसराय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार ने न्याय की उम्मीद में पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पूरे दिन उन्हें परेशान किया गया। अंत में, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि वे अपने भाई की अस्थियों का विसर्जन धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार करना चाहते हैं, लेकिन गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। परिवार का मुख्य उद्देश्य है कि दोषियों को सजा मिले और न्याय सुनिश्चित हो।












