उत्तर प्रदेश में जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का खुलासा और विवाद
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुई दूल्हा आजाद बिंद की हत्या के मुख्य आरोपी रवि यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। इस कार्रवाई के बाद मृतक रवि यादव के परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मार डाला है। परिवार का दावा है कि रवि यादव की हत्या में शामिल आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, खासकर सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्होंने स्वजातीय बदमाशों को बचाने के लिए यह साजिश रची है। परिवार ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए वीडियो और फोटो जैसे पुख्ता सबूत मांगे हैं, जिनसे रवि यादव की संलिप्तता स्पष्ट हो सके।
परिवार का आरोप और पुलिस की कार्रवाई पर संदेह
रवि यादव के परिजनों का आरोप है कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और यादव होने के कारण उनके बेटे को निशाना बनाया गया है। उनका कहना है कि इस सरकार में यादव समुदाय सुरक्षित नहीं है, इसलिए स्वजातीय अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। शर्मीला यादव, रवि की बुआ, ने पुलिस की कार्रवाई को संदेहास्पद बताया है और मांग की है कि यदि रवि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल था, तो पुलिस उसे फोटो या वीडियो के माध्यम से साबित करे।
परिजनों का आरोप और प्रशासनिक लापरवाही
रवि यादव के बड़े भाई दीपक यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे का शव तक नहीं सौंपा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं दिया और न ही कोई प्रमाणपत्र दिखाया। दीपक का आरोप है कि पुलिस ने उनके पिता को जेल से निकाला और सीधे रामघाट ले जाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि मुठभेड़ के दौरान भागने वाले दूसरे अपराधी का कोई सबूत क्यों नहीं दिया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री का बयान और न्याय की उम्मीद
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि सभी अपराधियों को सजा मिलेगी। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई राजनीतिक या जातीय संरक्षण की बात नहीं है। राजभर ने कहा कि पुलिस का काम है अपराधियों को पकड़ना और उन्हें सजा दिलाना। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि फरार आरोपियों पर भी कार्रवाई करनी है, तो पुलिस पूरी सख्ती से करेगी। उन्होंने कहा कि जब मंडप में जाते समय दूल्हे को मारा गया, तो वह भी एक अपराध है और उन सभी को सजा मिलेगी। परिवार ने न्याय न मिलने पर डीएम और एसडीएम कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी है।












