उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन पुल का ध्वस्त होना और उसकी जाँच
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में देर रात एक निर्माणाधीन पुल के गिरने का हादसा हुआ, जिसमें बेतवा नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस दुर्घटना में अब तक छह मजदूरों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और अधिकारियों को तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने घायलों का त्वरित उपचार सुनिश्चित करने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
सीएम योगी का हादसे पर त्वरित प्रतिक्रिया और राहत उपाय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का तुरंत संज्ञान लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घायलों का उचित इलाज किया जाए और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। इस घटना ने प्रदेश में निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुआवजे और जांच की मांग के साथ राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस हादसे पर समाजवादी पार्टी के नेता आई.पी सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस दुर्घटना का वीडियो साझा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण यह दुखद घटना हुई है। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों को दो-दो करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बिहार के भागलपुर में भी गंगा नदी पर बने विक्रमशिला ब्रिज का एक हिस्सा गिर चुका है, जिसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी। इसके अलावा जम्मू जिले के बंतलाब क्षेत्र में भी एक निर्माणाधीन पुल का पिलर गिरने का हादसा हुआ था, जिसमें कई मजदूरों की मौत और घायल हुए थे।












