गोंडा में 41 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों का विध्वंस
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 41 करोड़ 60 लाख रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों को जला कर नष्ट कर दिया। इस अभियान का नाम ‘ऑपरेशन दहन’ रखा गया है। यह मादक पदार्थ कई मामलों में जब्त किए गए थे, जिनमें एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज 898 मामलों का समावेश था। वर्षों से अलग-अलग थानों की कार्रवाई में जब्त इन नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नष्ट किया गया।
प्रशासनिक कदम और नष्ट किए गए मादक पदार्थ
गोंडा के अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि यह कार्रवाई जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में मैजापुर चीनी मिल में की गई। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए, जब्त नशीले पदार्थों को मिल की भट्टी में पूरी तरह से जला कर नष्ट कर दिया गया। इस प्रक्रिया में कुल 1511.763 किलोग्राम विभिन्न मादक पदार्थों को नष्ट किया गया, जिनमें सबसे अधिक 1285.7 किलोग्राम गांजा शामिल है। इसके अलावा, 52.57 किलोग्राम चरस, 95.71 किलोग्राम डोडा, 6.1186 किलोग्राम स्मैक, 0.1136 किलोग्राम हेरोइन, 0.878 किलोग्राम अफीम और 0.045 किलोग्राम कोकीन भी नष्ट किए गए।
मादक पदार्थों की कीमत और तस्करी का खतरा
पुलिस के अनुसार, इन नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 41 करोड़ 60 लाख रुपये थी। यदि ये अवैध बाजार में पहुंच जाते, तो इससे कितने ही लोगों का जीवन प्रभावित हो सकता था। अधिकारियों का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त इन मादक पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखा जाता है, फिर जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में उनका विधिवत निस्तारण किया जाता है ताकि उनका पुनः उपयोग या अवैध कारोबार में इस्तेमाल न हो सके। पुलिस का मानना है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, और ‘ऑपरेशन दहन’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का यह भी कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












