मुख्य बातें
- गाजियाबाद में सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर हुआ।
- समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
- सूर्या के परिवार ने हत्या को पूर्व नियोजित बताया है।
- पुलिस ने असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की चाकू से हत्या के मुख्य आरोपी असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने इसे ‘बेलगाम पुलिस’ की कार्रवाई करार दिया है।
घटना का विवरण
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 28 मई को सूर्या चौहान पर बाइक विवाद के चलते चाकू से हमला किया गया था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। घटना के बाद असद फरार हो गया था।
पुलिस मुठभेड़ की जानकारी
पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल के अनुसार, असद रविवार तड़के खोड़ा क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मुठभेड़ को आत्मरक्षा में किया गया बताया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमई ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की धमकियों के बावजूद अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता उमा शंकर पांडेय ने एनकाउंटर को असंवैधानिक बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
परिवार का आरोप
सूर्या के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे फोन कॉल कर एक स्थान पर बुलाया गया था, जहां घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उस पर चाकुओं से हमला किया। परिवार ने इस हत्या को पूर्व नियोजित करार दिया है और पुलिस से उचित जांच की मांग की है।












