लखनऊ में नौसेना म्यूजियम और वाटिका का उद्घाटन
लखनऊ में शनिवार को नौसेना संग्रहालय और नौसेना वाटिका का उद्घाटन समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षित माहौल ही विकास और निवेश के लिए आधारशिला है। योगी ने कहा कि अहिंसा मानव का धर्म है, लेकिन यदि कोई देश या समाज के लिए खतरा बन जाए तो फिर हिंसा ही विकल्प होता है।
2017 से पहले यूपी में कानून-व्यवस्था का संकट
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत ही चुनौतीपूर्ण थी। उस दौर में अक्सर कर्फ्यू जैसी स्थिति बनती थी और माफिया व अपराधियों का प्रभाव व्यवस्था पर साफ दिखाई देता था। ऐसे माहौल में आम जनता का जीवन प्रभावित होता था और निवेश तथा विकास की संभावनाएं कमजोर पड़ जाती थीं। योगी ने कहा कि जब किसी राज्य में सुरक्षा और स्थिरता का माहौल होता है, तभी उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
नौसेना संग्रहालय का उद्देश्य और महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में नौसेना वाटिका और संग्रहालय की स्थापना का प्रस्ताव इसी सोच के तहत रखा गया था। उन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना का आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्री के प्रोत्साहन और सहयोग से नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और उनकी टीम ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल दर्शनीय स्थल नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बनेगा। यहां आने वाले छात्र और युवा भारतीय नौसेना के इतिहास, उसके शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र निर्माण में योगदान के बारे में विस्तार से जान सकेंगे। इससे देशभक्ति की भावना मजबूत होगी और युवा सशस्त्र बलों के प्रति जागरूक बनेंगे। इस पहल की सराहना करते हुए अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने कहा कि यह संग्रहालय प्रदेश के युवाओं को रक्षा क्षेत्र के बारे में जानकारी देने और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उद्घाटन के साथ ही यह स्थल आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।












