उत्तर प्रदेश में बकरीद की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
उत्तर प्रदेश में बकरीद के त्योहार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत सख्त कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में ड्रोन कैमरों की निगरानी, पुलिस की रूफटॉप ड्यूटी, और सोशल मीडिया पर पोस्ट व वीडियो की कड़ी जांच की जा रही है। संभल से लेकर मुजफ्फरनगर, अयोध्या से चंदौली और नोएडा तक, प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
सख्त सुरक्षा नेटवर्क और प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक
सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं है और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। इसके तहत जिलों में पुलिस, पीएसी, ड्रोन, सीसीटीवी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग का समन्वित नेटवर्क स्थापित किया गया है। राजधानी लखनऊ में भी बकरीद की नमाज के लिए निर्धारित समय स्लॉट तय किए गए हैं, जैसे कि टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे, ऐशबाग ईदगाह में 10 बजे और बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद में 11 बजे। प्रशासन लगातार लोगों से आग्रह कर रहा है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही नमाज अदा करें और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सख्त निगरानी और सुरक्षा उपायों का क्रियान्वयन
संभल जिले में सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। जिले को पांच जोनों और 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां हर सेक्टर में पुलिस अधिकारी और मजिस्ट्रेट तैनात हैं। संवेदनशील इलाकों में पीएसी और आरआरएफ की तैनाती के साथ ही करीब ढाई सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जुड़े हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इस बार पुलिस ने रूफटॉप ड्यूटी भी शुरू की है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल भी सक्रिय है, जो वायरल हो सकने वाले वीडियो और पोस्ट पर नजर रख रहा है। पुलिस का कहना है कि सड़क पर नमाज और खुले में पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाएगी, और ड्रोन कैमरों से निगरानी जारी रहेगी।












