मुख्य बातें
- साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरने से दो लोगों की मौत हुई।
- राहत दल ने मलबे से 10 लोगों को सुरक्षित निकाला।
- हादसे के समय अधिकांश ऑफिस बंद थे, जिससे जनहानि कम हुई।
- प्रशासन ने आसपास के इलाकों की सुरक्षा जांच शुरू की।
दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट शनिवार को एक पांच मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, जिसमें मलबे से 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। यह घटना उस समय हुई जब इमारत के अंदर अधिकांश दफ्तर बंद थे, जिससे जनहानि कम हुई।
हादसे का विवरण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरने वाली इमारत एक कमर्शियल बिल्डिंग थी, जिसमें कई दफ्तर स्थित थे। शनिवार होने के कारण अधिकांश ऑफिस बंद थे, जिससे बड़ी संख्या में लोग इस हादसे की चपेट में नहीं आए। हालांकि, एक महिला कैंटीन, जो इमारत के नीचे स्थित थी, मलबे में दब गई। हादसे के समय कैंटीन में कुछ छात्र डिनर कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास के निवासियों ने पहले सोचा कि यह किसी जनरेटर का विस्फोट है, लेकिन इसके तुरंत बाद धूल और मलबे का गुबार उठने लगा। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि वह घटना के समय अपने घर में था और अचानक आई तेज आवाज से घबरा गया।
बचाव कार्य की स्थिति
दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम 7:44 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सात दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। एंबुलेंस भी मौके पर तैनात की गईं ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास की अधिकांश इमारतें सुरक्षित हैं, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी अन्य भवन को संभावित खतरे का सामना न करना पड़े।











