मुख्य बातें
- दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई।
- गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के आठ सदस्य इस हादसे में शामिल हैं।
- परिवार दिल्ली में बुजुर्ग सदस्य के इलाज के लिए आया था।
- हादसे के समय परिवार के सदस्य होटल में ठहरे हुए थे।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके के एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी अग्रवाल परिवार के आठ सदस्य भी शामिल हैं, जो अपने बुजुर्ग सदस्य के इलाज के लिए दिल्ली आए थे। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गहरा सदमा बन गई है।
हादसे का विवरण
जानकारी के अनुसार, राधेश्याम अग्रवाल, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है, मालवीय नगर के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। वह फेफड़ों की बीमारी का इलाज करा रहे थे। उनके परिवार के सदस्य अस्पताल के पास एक होटल में ठहरे हुए थे ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से अस्पताल जा सकें। आग लगने के समय राधेश्याम के बेटे विवेक, बहू तरजनी, पत्नी और उनकी दो पोतियां होटल में मौजूद थीं। सभी लोग इस हादसे में जान नहीं बचा सके और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
परिवार पर दुखों का पहाड़
इस त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि राधेश्याम अग्रवाल को शायद इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके परिवार के चार सदस्य अब इस दुनिया में नहीं रहे। मैक्स अस्पताल में मौजूद अन्य परिवार के सदस्य और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। तरजनी अग्रवाल के मायके से तीन रिश्तेदार भी इस घटना में शामिल थे, जो राधेश्याम का हाल जानने आए थे। दुर्भाग्यवश, वे भी उसी होटल में ठहरे हुए थे और आग की चपेट में आ गए।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
विवेक अग्रवाल के पड़ोसियों ने बताया कि वह एक सज्जन और मिलनसार व्यक्ति थे, जो अपने परिवार और बुजुर्ग पिता का पूरा ख्याल रखते थे। पड़ोसियों के अनुसार, विवेक अपने पिता से मिलने और उनकी देखभाल के लिए ही दिल्ली आए थे। बच्चों की छुट्टियों के कारण परिवार अपनी दोनों बेटियों को भी साथ लाया था, लेकिन यह पारिवारिक यात्रा एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई।
आग की वजह और जांच
इस घटना के बाद, स्थानीय अधिकारियों ने होटल की सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है। डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर ने बताया कि होटल के पास फायर एनओसी नहीं था, जो इस हादसे का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। इस घटना ने न केवल अग्रवाल परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।











