मुख्य बातें
- दिल्ली के जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने पानी संकट के समाधान का एक्शन प्लान पेश किया।
- राजधानी की 16,634 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में से 33 प्रतिशत 30 साल से पुरानी हैं।
- पानी की बर्बादी रोकने के लिए नई पाइपलाइन योजना पर IIT रुड़की से स्टडी कराई जा रही है।
- 2025-26 में पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर 2,900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दिल्ली में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने बताया कि यह संकट कई वर्षों से बुनियादी ढांचे की अनदेखी का परिणाम है। दिल्ली को प्रतिदिन लगभग 1,250 एमजीडी पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन पुरानी पाइपलाइनों के कारण सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं।
पुरानी पाइपलाइनों का नवीनीकरण
प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार अब जर्जर पाइपलाइन नेटवर्क को बदलने के लिए सक्रिय हो गई है। दिल्ली को आठ अलग-अलग जोनों में बांटा गया है, जिनमें से वजीराबाद और चंद्रावल जोन में काम शुरू हो चुका है। अन्य क्षेत्रों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर तेजी से काम चल रहा है। आने वाले समय में निजी कंपनियां इन पाइपों को बदलने के साथ-साथ पानी सप्लाई की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।
पानी की बर्बादी पर ध्यान
जलमंत्री ने पानी की बर्बादी के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हैदरपुर तक आने वाली CLC नहर से केवल 5 प्रतिशत पानी खराब होता है, जबकि पुरानी DSB नहर में 40 से 45 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। इसे रोकने के लिए पाइपलाइन से पानी लाने की योजना बनाई जा रही है, जिसके लिए IIT रुड़की से विशेष अध्ययन कराया जा रहा है।
बोरवेल्स की संख्या में वृद्धि
प्रवेश वर्मा ने कहा कि पानी की दिक्कत कम करने के लिए टैंकरों के फेरे पहले से दोगुने किए गए हैं। पिछले एक साल में 560 बोरवेल लगाए गए हैं, जबकि पहले केवल 200 बोरवेल लगाए जाते थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या एक साल की नहीं है, बल्कि बुनियादी ढांचे की अनदेखी का परिणाम है।
भविष्य की योजनाएं
जलमंत्री ने बताया कि 2024-25 में पानी से जुड़े कामों पर 1,254 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 2025-26 में लगभग 2,900 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स शुरू या पूरे किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 2032 तक रेणुका डैम से दिल्ली को पानी मिलने की उम्मीद है, तब तक नई सप्लाई व्यवस्था पर तेजी से काम किया जाएगा।











