मुख्य बातें
- दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में होटल-रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई।
- घायलों में से 15 लोग ICU में भर्ती हैं, जिनमें 8 वेंटिलेटर पर हैं।
- बेसमेंट में ताला लगा होने के कारण कई लोग फंसे रहे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
- होटल के पास फायर एनओसी नहीं थी, और नियमों का उल्लंघन किया गया था।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना में घायल मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 15 को ICU में भर्ती किया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, और यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
घटना का विवरण
मालवीय नगर स्थित होटल में आग लगने के समय कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। चश्मदीदों के अनुसार, जब आग पर काबू पाने के लिए शीशे को तोड़ा गया, तब यह आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई। धुएं के कारण कई लोग बेहोश हो गए, और उनकी मौत हो गई।
घायलों की स्थिति
डॉक्टरों ने बताया कि 15 मरीज ICU में भर्ती हैं, जिनमें से 8 वेंटिलेटर पर हैं। कुछ मरीजों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हादसे के बाद, स्थानीय अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
बेसमेंट में फंसे लोग
इस अग्निकांड में एक चौंकाने वाली बात यह रही कि होटल के बेसमेंट में भी कई लोग फंसे हुए थे। वहां केवल एक संकरा रास्ता था, जिस पर ताला लगा हुआ था। दमकलकर्मियों ने कटर की मदद से ताले को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
लापरवाही की जांच
फायर विभाग की प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। होटल को केवल 6 कमरों की मंजूरी मिली थी, लेकिन मालिक ने 25 कमरे बना लिए थे। इसके अलावा, होटल के पास फायर एनओसी भी नहीं थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग लगने के दौरान धमाके क्यों हुए।











