मुख्य बातें
- दिल्ली के शालीमार बाग में 150 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
- सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत यह कार्रवाई की गई है।
- पूर्व विधायक वंदना कुमारी का दफ्तर भी ध्वस्त किए गए निर्माणों में शामिल है।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया।
दिल्ली के शालीमार बाग में रविवार सुबह प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत करीब 150 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में आम आदमी पार्टी की पूर्व विधायक वंदना कुमारी का दफ्तर भी शामिल है। भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक जवानों की मौजूदगी में यह अभियान शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य आउटर रिंग रोड को आजादपुर मंडी से जोड़ने वाली मुख्य सड़क को चौड़ा करना है।
ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत
सुबह लगभग 4 बजे शुरू हुए इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की गई है। दिल्ली सरकार के वकील धीरज कुमार ने जानकारी दी कि मास्टर प्लान के अनुसार यह सड़क 30 मीटर चौड़ी होनी चाहिए थी, लेकिन अतिक्रमण के कारण यह केवल 11 मीटर चौड़ी रह गई थी।
स्थानीय समस्याएं और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक वंदना कुमारी द्वारा सड़क की जमीन पर कब्जा करने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अवैध निर्माण शुरू कर दिए थे। इससे क्षेत्र में रोजाना भारी ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही थी। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का काम आवश्यक था ताकि स्थानीय लोगों को इन समस्याओं से राहत मिल सके।
कोर्ट की प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने इन अवैध ढांचों को हटाने के लिए 30 मई तक की समय-सीमा निर्धारित की थी। प्रभावित लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने अपनी कार्रवाई शुरू की।
भविष्य की योजनाएं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों को ट्रैफिक और जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पूर्व विधायक वंदना कुमारी की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।











