मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामला: नई जांच और कानूनी जटिलताएं
मॉडल और पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बुधवार को एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जब मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में यह दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों के निशान संभवतः मौत से पहले किसी संघर्ष या हाथापाई का परिणाम हो सकते हैं। इस दलील के बाद, पहले से ही आत्महत्या मानकर चल रहे इस मामले में हत्या की आशंका भी गहरा गई है। इससे ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की कानूनी परेशानियां बढ़ने की संभावना है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोप-प्रत्यारोप का खुलासा
मध्य प्रदेश सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कलाई, कोहनी और सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये चोटें शव को नीचे उतारते समय नहीं आई होंगी, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये संघर्ष के दौरान लगी हो सकती हैं। हाईकोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। आरोप है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ने दहेज के लिए ट्विशा को प्रताड़ित किया था।
आरोप और जांच में बाधाएं: कानूनी और सामाजिक पहलू
सरकार ने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह ने जांच में सहयोग नहीं किया और नोटिस का जवाब नहीं दिया। कोर्ट में तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें 13 और 14 मई को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने जांच में भाग नहीं लिया। पुलिस जब उनके घर पहुंची, तो वह वहां मौजूद नहीं थीं। सरकार का आरोप है कि गिरिबाला सिंह ने अभियोजन पक्ष को प्रभावित करने का प्रयास किया और साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश की।
मीडिया से बातचीत के दौरान भी गिरिबाला सिंह पर सवाल उठे, जिनमें कहा गया कि उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने के बजाय मीडिया से बातचीत की। कोर्ट में यह भी कहा गया कि परिवार बार-बार ट्विशा को समझौता करने और सास के साथ संबंध बनाए रखने की सलाह देता था।
वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि अग्रिम जमानत एक संदर्भ से हटाकर दी गई थी, जबकि जांच शुरू होने से पहले ही आरोपियों को जमानत मिल गई थी। व्हाट्सएप चैट के आधार पर आरोप लगाए गए कि परिवार ने ट्विशा के पितृत्व पर सवाल उठाए और उसकी गर्भावस्था का भी जिक्र किया।
ट्विशा ने अपने अंतिम संदेश में लिखा था, “यह सब बहुत निर्दयी है, कोई दया नहीं है, मेरा दम घुटता है यहाँ,” जो उसकी घबराहट और भय को दर्शाता है। इस बीच, सीबीआई ने बुधवार को ट्विशा के पति समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया है, और सरकार ने उसकी कस्टडी की मांग का समर्थन किया है।
सरकार ने कोर्ट में कहा कि ट्विशा की मौत के बाद गिरिबाला सिंह ने मीडिया से बातचीत की, जो जांच में बाधक साबित हो सकती है। कोर्ट में यह भी कहा गया कि परिवार का व्यवहार जांच को प्रभावित कर सकता है, और व्हाट्सएप चैट से पता चलता है कि परिवार ने ट्विशा को समझौता करने का दबाव डाला।
अंत में, वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि जमानत संदर्भ से हटाकर दी गई थी, और आरोपियों ने जांच में सहयोग नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि ट्विशा का गर्भपात हो चुका था और उसके परिवार ने उसकी मौत के पीछे घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है।












