मुख्य बातें
- साध्वी प्राची ने सूर्या चौहान हत्या मामले में मदरसों को जिम्मेदार ठहराया।
- उन्होंने प्रशासन से सभी आरोपियों का फुल एनकाउंटर करने की मांग की।
- बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर साध्वी ने तीखा हमला किया।
- खोड़ा में अवैध मदरसों और मस्जिदों की शिकायतों पर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए।
बरेली में हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड के खिलाफ मीडिया से बातचीत करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बकरीद के दिन हुई इस हत्या के लिए मदरसों में बैठे मौलानाओं को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि खोड़ा में अवैध मदरसों और मस्जिदों के निर्माण से मिनी पाकिस्तान बनाने की साजिश चल रही है। साध्वी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सभी आरोपियों का फुल एनकाउंटर करने की मांग की।
साध्वी प्राची का विवादित बयान
साध्वी प्राची ने कहा कि लोग जानवरों को पाल सकते हैं, लेकिन मुस्लिमों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सूर्या चौहान की हत्या पर मौलानाओं की चुप्पी को संदिग्ध बताया और कहा कि इस मामले में किसी ने फतवा जारी नहीं किया, जो कि उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि चोर को पकड़ने के साथ उसकी मां को भी पकड़ना जरूरी है, और यहां चोर की मां मदरसे में बैठे मौलाना हैं।
एनकाउंटर पर हिंदू समाज की प्रतिक्रिया
गाजियाबाद पुलिस द्वारा एक आरोपी के एनकाउंटर पर साध्वी प्राची ने कहा कि इससे हिंदू समाज संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि सूर्या चौहान का परिवार अब उजड़ गया है, जबकि अन्य परिवारों में 30-40 लोग होते हैं। साध्वी ने सभी आरोपियों के फुल एनकाउंटर की मांग की और कहा कि उन्हें तुरंत 72 हूरों के पास भेजा जाना चाहिए।
ममता बनर्जी और कांग्रेस पर साध्वी का हमला
साध्वी प्राची ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नौटंकीबाज करार दिया और आरोप लगाया कि वह बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि यदि देश में कॉकरोच पार्टी है, तो उनके लिए लाल और काला हिट भी तैयार है। कांग्रेस को उन्होंने ‘मंदबुद्धि बच्चा’ कहा।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
साध्वी प्राची ने खोड़ा में अवैध मस्जिदों और मदरसों की शिकायतों पर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने कई बार इस मुद्दे को उठाया, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। अब सूर्या चौहान की हत्या के बाद प्रशासन की आंखें खुली हैं। उन्होंने अधिकारियों को सचेत रहने की चेतावनी दी और कहा कि वहां कई संदिग्ध मामले सामने आ सकते हैं।












