मुख्य बातें
- समस्तीपुर रेलमंडल में विशेष टिकट चेकिंग अभियान से 1.84 लाख यात्रियों पर कार्रवाई हुई।
- इस अभियान से रेलवे ने 13.65 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है।
- बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए 233 कर्मचारियों की टीम ने 16 घंटे तक चेकिंग की।
- अभियान के दौरान टिकट काउंटरों पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी गई।
समस्तीपुर रेलमंडल में बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में रेलवे को उल्लेखनीय सफलता मिली है। अप्रैल से मई के बीच आयोजित इस मेगा टिकट चेकिंग अभियान में 1 लाख 84 हजार से अधिक यात्रियों को पकड़ा गया, जिससे रेलवे ने 13 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला। यह अभियान यात्रियों के लिए नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अनधिकृत यात्रा को रोकने के उद्देश्य से चलाया गया था।
विशेष चेकिंग अभियान का संचालन
डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा के निर्देश पर समस्तीपुर रेलमंडल में यह विशेष अभियान चलाया गया। एसीएम टीसी राजेश कुमार के नेतृत्व में 233 टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ जवानों की एक विशेष टीम बनाई गई। यह अभियान प्रतिदिन लगभग 16 घंटे तक चलाया गया, जिसे किला बंदी चेकिंग ऑपरेशन भी कहा गया। इस दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर सघन जांच की गई।
‘लाल गाड़ी’ अभियान का प्रभाव
रेलवे द्वारा चलाए गए ‘लाल गाड़ी’ अभियान का व्यापक असर देखने को मिला। बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों में डर का माहौल बन गया, जिसके परिणामस्वरूप टिकट काउंटरों पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई। समस्तीपुर, दरभंगा, जयनगर, रक्सौल, सहरसा और मोतिहारी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर लगातार चेकिंग की गई, जिससे बिना टिकट यात्रा पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
सकारात्मक परिणाम और आगे की योजना
अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ को डीआरएम द्वारा सम्मानित किया गया है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से रेलवे को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।












