मुख्य बातें
- सीबीआई ने ट्विशा केस में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया।
- गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ मारपीट की गई।
- पूर्व जज ने अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कोर्ट में बहस की।
- गिरिबाला सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान दिए गए फैसलों का उल्लेख किया।
मंगलवार को ट्विशा केस में सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में कहा कि उनके बेटे के साथ ट्विशा के वकील ने मारपीट की, जबकि समर्थ सिंह के पैर में चोट लगने की बात भी सामने आई। पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने सीबीआई अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी सुरक्षा की चिंता भी जताई।
कोर्ट में सुनवाई का विवरण
कोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने अपने बुजुर्ग होने का हवाला देते हुए कहा, “मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है?” इस दौरान उन्होंने सीबीआई द्वारा किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन के घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने जानबूझकर घर से दूर कार रोकी, जिससे उन्हें पैदल चलने में कठिनाई हुई।
गिरिबाला सिंह का न्यायिक करियर
गिरिबाला सिंह ने 3 साल तक भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य किया और फरवरी 2023 में सेवानिवृत्त हुईं। उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले सुनाए गए, जिनमें 12 हत्या के आरोपियों को उम्रकैद की सजा शामिल है। इससे पहले, वे अपर सत्र न्यायाधीश भी रह चुकी थीं, जहां उन्होंने हत्या के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराया था।
सुरक्षा की चिंता
गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब वे ऐसे लोगों के बीच हैं, जिनसे उन्हें खतरा हो सकता है। उनके द्वारा दिए गए फैसले के कारण कई दोषी जेल में हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं।
सीबीआई की कार्रवाई
सीबीआई ने मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस दौरान, गिरिबाला सिंह ने सीबीआई के अधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें उचित इलाज नहीं दिया गया।












