मुख्य बातें
- पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने सुरक्षा की गुहार लगाई है।
- जेल में उन्हें महिला बैरक में रखा गया है, जबकि बेटे को अस्पताल बैरक में।
- गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि केस का मीडिया ट्रायल किया गया है।
- उन्होंने 12 हत्या के आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने न्यायिक सेवा में अपने निर्णयों के चलते सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने भोपाल कोर्ट में अपनी जान को खतरा बताते हुए अलग सेल की गुहार लगाई है। गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनके द्वारा सजा सुनाए गए कई आरोपी अभी जेल में हैं, जिससे उन्हें खतरा महसूस हो रहा है।
कोर्ट में सुरक्षा की मांग
गिरिबाला सिंह ने जस्टिस शोभना भालवे की कोर्ट में दो घंटे की बहस के दौरान अपनी सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केस को मीडिया ट्रायल बना दिया गया है, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गिरिबाला ने यह भी आरोप लगाया कि जबलपुर कोर्ट परिसर में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की गई थी।
जेल में स्थिति
गिरिबाला सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में महिला बैरक में रखा गया है, जहां उन्हें कैदी नंबर-71 दिया गया है। उनके बेटे समर्थ को अस्पताल बैरक में रखा गया है और उसे कैदी नंबर-1782 दिया गया है। सीबीआई की टीम ने उन्हें जेल में लाने के बाद गिरिबाला ने कुछ व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
गिरिबाला सिंह का न्यायिक करियर
गिरिबाला सिंह ने भोपाल में जिला जज के रूप में लगभग 19 महीने तक कार्य किया है। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई की और 12 हत्या के आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उनके निर्णयों ने उन्हें न्यायिक सेवा में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया।
मीडिया ट्रायल पर आपत्ति
गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में मीडिया ट्रायल पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि इस तरह के ट्रायल से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे पर कोर्ट में गंभीरता से विचार किया जा रहा है।












